मोदी जी से इतनी नफरत, हरा नहीं सके तो हत्या की करने लगे साजिश!

हिंदुस्तान के यशस्वी प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी, मोदी जी ने जब से राजनीति में कदम रखा उसी दिन से उन्हें विपक्षी पार्टियों की अंतहीन नफरत का सामना करना पड़ा. आजाद भारत की राजनीति में शायद ही किसी अन्य राजनेता को इतना ज्यादा अछूत माना गया होगा, जितना ज्यादा नरेंद्र मोदी को माना गया. लेकिन जहाँ मोदी विरोधियों ने मोदी जी से जितनी ज्यादा नफरत की, वहीं देश की जनता ने मोदी जी को उतना जी ज्यादा प्यार दिया. मोदी विरोधियों ने उनकी मुख्यमंत्री की गद्दी छीनने की कोशिश की तो हिन्दुस्तान की जनता ने मोदी को अपना नायक घोषित कर दिया तथा उनको देश की सत्ता सौंप दी.
अब एक बार फिर से वही नरेंद्र मोदी जी विरोधियों के निशाने पर हैं। लेकिन इस बार मोदी जी के प्रति उनकी विरोधियों की नफरत भरी सनसनीखेज साजिश के खुलासे से पूरा देशब सन्न रह गया है। खुलासा हुआ है कि पूर्व प्रधानमन्त्री श्री राजीव गांधी जी की तरह ही नरेंद्र मोदी जी की ह्त्या की साजिश रची जा रही थी. देश को सकते में डालने वाला ये खुलासा हुआ है भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान। पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला है, जिसमें ‘राजीव गांधी की हत्या’ जैसी प्लानिंग का उल्लेख है। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गयी है।
पुलिस के अनुसार, प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र जी ह्त्या की साजिश रचने से संबंधित पत्र विल्सन के दिल्ली के फ्लैट से बरामद किया गया है। पत्र में कहा गया है कि “मोदी ने 15 राज्यों में भाजपा को स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। यदि ऐसा ही रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी… कॉमरेड किसन और कुछ अन्य वरिष्‍ठ कॉमरेड्स ने मोदी राज को समाप्त करने के लिए कुछ मजबूत कदम बताये हैं। हम सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं…यह आत्मघाती जैसा प्रतीत होता है और इसकी भी अधिक संभावनाएं हैं कि हमें सफलता हाथ नहीं लगे, लेकिन हमें लगता है कि पार्टी हमारे प्रस्ताव पर विचार करे, पत्र में आगे लिखा गया है कि उन्हें रोड शो में टारगेट करना एक असरदार रणनीति का हिस्सा हो सकता है, हमें लगता है कि पार्टी का अस्तित्व किसी भी त्याग से ऊपर है… बाकी बातें अगले पत्र में… “
जिन कॉमरेडों को देश की जनता ने खदेड़ दिया, वो कॉमरेड अब मोदी को मारकर अपना वजूद बचाए रखना चाहते हैं। इससे भी आश्चर्य की बाते ये है कि भीमा-कोरेगांव हिंसा में कांग्रेस पर भी सवाल उठे हैं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पत्र दिखाया था जिसमे साफ़ साफ लिखा है कि भीमा कोरेगांव हिंसा में कांग्रेस तथा जिग्नेश मेवाणी बिचौलिए की भूमिका में हैं तथा उस प्रायोजित हिंसा को कांग्रेस फंडिंग कर रही है। तो क्या ये माना जाए कि कांग्रेस पार्टी की प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस खौफनाक साजिश में शामिल थी। जब जनता के बीच जाकर चुनाव न जीत सके तो प्रधानमन्त्री की हत्या करने पर उतारू हो गये।

अब लोकतंत्र ख़तरे में नहीं है ? असहनहीलता ब्रिगेड ने मौनव्रत धारण क्यों कर लिया? यही षड्यंत्र अगर किसी दूसरे देश में होता तो अब तक हंगामा मच गया होता। यहां इतना सन्नाटा क्यों है भाई..?

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