एक फौजी बेटे का खत माँ के नाम

“माँ प्रणाम”
आप अक्सर ये शिकायत करती हैं कि मैं फोन नही करता, कहती हो कि एक माँ इधर भी है, भारत माँ के अलावा। इसलिए पहली बार कोई खत लिख रहा हूँ आपको। जितनी हैरानी आपको हो रहीं होगी, उतनी ही मुझे भी है। फोन पर बात करना और खत लिखना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। पर ये खत कुछ खास है, खास इसलिए क्योंकि ये मेरी गैरमौजूदगी में आपसे मेरी वकालत करेगा। ये अपने अंदर वो सब लिए हुए है जो मैंने आपको कभी बताया नहीं। ऐसा कुछ जरूरी भी नहीं है पर ये आपको मेरा ‘जुबान लड़ाना’ याद दिलाएगा।
याद है जब बचपन में आप मुझे समझाती थी कि स्कूल में अपने से होशियार बच्चों के साथ आगे बैठा करो तो मैं हॉ में सिर हिला देता था पर फिर ये सोचता था कि होशियार बच्चों की माँ भी तो उन्हें ऐसा ही बोलती होंगी फिर वो मुझे अपने साथ क्यों बिठाएंगे .? ऐसा सोचकर मैं फिर रोज की तरह अपने उन्हीं दोस्तों के साथ बैठ जाता था।
यहाँ सरहद पर भी मैं ऐसा ही सोचता हूँ कि आपकी तरह हर किसी जवान की मॉ उसके लिए फिक्रमंद रहती होगी उसको सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना करती होंगी। और ये सोचकर में खुद दूसरों से जागे रहने को कोशिश करता हूँ ताकि दुश्मन से पहला सामना मेरा हो।
आपको याद है, जब में थोड़ा और बड़ा हुआ तो आप मेरी शरारत करने पर नाराज हो जाती थीं और मुझे पड़ोस के शर्मा अंकल के बेटे की तरह समझदार बनने को कहते थीं। मैं जब फिर भी नहीं मानता था तो आप मुझे चिढाने के लिए झूठेमुँह कहते थे कि मैं आपका बेटा नहीं हूँ। तब ये सुनके मुझे बहुत बुरा लगता था और मैं चाहते हुए भी शरारत नहीं करता था।
आज यहाँ बॉर्डर पर होते हुए मुझे अक्सर ये ख्याल जाता है कि आपसे उन चिढ़ाए जाने वाले पलों का बदला लूँ और बोलूं कीं आप मेरी माँ नहीं हो। मैं आपकी बिल्कुल भी फिक्र नही करता और न ही बात मानुगा। मेरी माँ तो बस भारत माँ हैं और में इन्हें के लिए कुर्बान हो जाऊंगा।
आपको फोन पर तो ये बोल नहीं सकता पर, जब आप खत पढ़कर ये जान जाओगे और बुरा मानोगे तो भगवान से प्राथर्ना करना कि वो अगले जन्म में मुझे आपका ही बेटा बनाये ताकि फिर आप मुझसे इस बात का बदला ले सको।
आशा करता हूँ कि इस खत को पढ़ते वक्त आपको मुझपे जरूर गर्व होगा और आप इस खत का और अपना हमेशा ख्याल रखोगे।
आपका ,
लाडला

हर उस माँ को मेरा चरणस्पर्श प्रणाम है जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को, भारत माता की आँचल के टुकड़ों की रक्षा के लिए सरहद पर भेजा है।

जय हिंद

June 9, 2018

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